हँसी पर दोहे – हँसी के रूप | Dohe On Laughter
हँसी पर दोहे - हँसी केवल चेहरे की मुस्कान नहीं, बल्कि आत्मा की वह मधुर ध्वनि है जो जीवन के हर अंधकार को उजाले में बदल देती है। कभी शिशु की किलकारी बनकर, कभी प्रेम की मूक भाषा बनकर, तो कभी हास्य की मुक्त धारा बनकर हँसी मनुष्य के जीवन…

