आप पढ़ रहे हैं ( Jivan Sathi Par Hindi Kavita ) जीवन साथी पर हिंदी कविता ” अर्धांगिनी ” :-
जीवन साथी पर हिंदी कविता
रब ने बनाई जोड़ी।
अर्धांगिनी, शर्मीली है थोड़ी।
जीवन दो पहियों की है गाड़ी।
प्रेम मशवरा से चले यह अगाड़ी।
पत्नी के प्यार भरे बोल
लगते है बड़े अनमोल।
उसका मिठास भरा उलाहना,
लगता है मुझे बचकाना।
रात दिन करती रहती है, वह सोच-विचार।
मैं कहता हूं, ईश्वर ने चोंच दी है, तो चूगा भी देगा,
तू मत कर इतना सोच-विचार।
सारे दिन अथक रहकर, घर पर करती है परिश्रम।
सब की ख्वाहिशें भी पूरी करती हरदम।
ईश्वर ने बेजोड़ दी है उसको ताकत।
अच्छे-अच्छे तुर्रम खां को भी देते है शिकस्त।
मन में नहीं रखती कोई रहस्य।
हर बात को कह देती है, करके हास्य।
ईश्वर की है अनुपम, अद्वितीय कृति।
हर इंसान की तरक्की, उन्नति की है शक्ति।
रचा है उसने ही सारा संसार,
सदा खुश रखती है, घर परिवार।
खुद दुख भी सहन करती है, अच्छे वक्त के लिए।
ईश्वर से यही अर्ज है, दुखों से दूर रखना, उसे सुख देने के लिए।
“रचनाकार का परिचय

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